काश … कम, वर्कआउट ज्यादा।
मांसपेशीयां लोड… हो रही है …
डर मुझे भी लगा फांसला देख कर… पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर… खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई मेरी मंज़िल.. मेरा हौंसला देख कर।
मैं हर रोज ट्रेन करता हूं .. कि मेरा कल बेहतर जाए।
जो लोग सोचते हैं कि उनके पास शारीरिक व्यायाम के लिए समय नहीं है, जल्द ही या बाद में बीमारी के लिए समय निकालना होगा…
ना संघर्ष न तकलीफ … तो क्या मज़ा है जीने में … बड़े बड़े तूफ़ान थम जाते हैं … जब आग लगी हो सीने में।
काश … कम, वर्कआउट ज्यादा।
मांसपेशीयां लोड… हो रही है …
डर मुझे भी लगा फांसला देख कर… पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर… खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई मेरी मंज़िल.. मेरा हौंसला देख कर।
मैं हर रोज ट्रेन करता हूं .. कि मेरा कल बेहतर जाए।
जो लोग सोचते हैं कि उनके पास शारीरिक व्यायाम के लिए समय नहीं है, जल्द ही या बाद में बीमारी के लिए समय निकालना होगा…
ना संघर्ष न तकलीफ … तो क्या मज़ा है जीने में … बड़े बड़े तूफ़ान थम जाते हैं … जब आग लगी हो सीने में।