वक़्त आ गया है …. अब बदलने का
आप हमेशा जितना सोचते हैं.. उससे अधिक मजबूत होते हैं।..
ज़िंदगी का खेल जारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है
भार उठाना मेरी फितरत में है…
किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।
कोशिश करने वालों की … कभी हार नहीं होती
वक़्त आ गया है …. अब बदलने का
आप हमेशा जितना सोचते हैं.. उससे अधिक मजबूत होते हैं।..
ज़िंदगी का खेल जारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है
भार उठाना मेरी फितरत में है…
किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।
कोशिश करने वालों की … कभी हार नहीं होती