हाँ ये मैं हूँ …. और मेरी कोशिश
अपने लक्ष्य पर नज़र रखें .. और जिम में पसीना बहाएं । हर एक दिन।
रुकने का नहीं … चलते रहो।…
बढ़ी हुई शारीरिक गतिविधि सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है..
अब आलस नहीं…. सिर्फ जिम
किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।
हाँ ये मैं हूँ …. और मेरी कोशिश
अपने लक्ष्य पर नज़र रखें .. और जिम में पसीना बहाएं । हर एक दिन।
रुकने का नहीं … चलते रहो।…
बढ़ी हुई शारीरिक गतिविधि सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है..
अब आलस नहीं…. सिर्फ जिम
किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।