जिम में सफलता की शुरुआत नहीं होती है। यह आपके दिमाग में शुरू होता है।
जितने वाले कभी बहाने नहीं बनाते
न भागना है, न रुकना है, बस चलते रहना है, चलते रहना है।
चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।
अपने लक्ष्य पर नज़र रखें .. और जिम में पसीना बहाएं । हर एक दिन।
कल्पना की शक्ति … हमें अनंत बनाती है।
जिम में सफलता की शुरुआत नहीं होती है। यह आपके दिमाग में शुरू होता है।
जितने वाले कभी बहाने नहीं बनाते
न भागना है, न रुकना है, बस चलते रहना है, चलते रहना है।
चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।
अपने लक्ष्य पर नज़र रखें .. और जिम में पसीना बहाएं । हर एक दिन।
कल्पना की शक्ति … हमें अनंत बनाती है।