मैं चैन ओ अमन पसंद करता हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पे तिरंगा रहने दो
आजादी की कभी शाम ना होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे बची है जो 1 भी बूंद लहू की तब तक भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे
ना सर झुका है कभी और ना झुकायेंगे कभी जो अपने दम पे जियो असल में जिंदगी है वही
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा नशा ये हिन्दुस्तान की शान का हैं !!
अब भी जिसका खून नहीं खौला खून नहीं वो पानी है, जो देश के काम न आये वो बेकार जवानी है -चंद्रशेखर आजाद
जिस दिन रास्ते पर तिरंगा बैचने वाले बच्चे न दिखे उस दिन सोचना हम आज़ाद हो गये।
मैं चैन ओ अमन पसंद करता हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पे तिरंगा रहने दो
आजादी की कभी शाम ना होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे बची है जो 1 भी बूंद लहू की तब तक भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे
ना सर झुका है कभी और ना झुकायेंगे कभी जो अपने दम पे जियो असल में जिंदगी है वही
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा नशा ये हिन्दुस्तान की शान का हैं !!
अब भी जिसका खून नहीं खौला खून नहीं वो पानी है, जो देश के काम न आये वो बेकार जवानी है -चंद्रशेखर आजाद
जिस दिन रास्ते पर तिरंगा बैचने वाले बच्चे न दिखे उस दिन सोचना हम आज़ाद हो गये।