मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

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क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं

चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही... लेकिन रवैये अजनबी हो जाये तो बडी तकलीफ देते हैं...

उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से

अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं

तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं

चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही... लेकिन रवैये अजनबी हो जाये तो बडी तकलीफ देते हैं...

उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से

अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं

तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.