जब मिलती ही नहीं...तो मोहब्बत होती क्यूँ है...!!!

जब मिलती ही नहीं...तो मोहब्बत होती क्यूँ है...!!!

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ये पतंग भी बिल्कुल तुम्हारी तरह निकली जरा सी हवा क्या लग गई हवा में उडने लगी

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…

मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं

ज़िन्दगी में कुछ लोग ऐसे भी आते हैं हँसाते – रूलाते और देखते ही देखते दिल में बस जाते हैं फिर दूर जाने के बाद याद बहुत आते हैं ..

सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.

ये पतंग भी बिल्कुल तुम्हारी तरह निकली जरा सी हवा क्या लग गई हवा में उडने लगी

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…

मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं

ज़िन्दगी में कुछ लोग ऐसे भी आते हैं हँसाते – रूलाते और देखते ही देखते दिल में बस जाते हैं फिर दूर जाने के बाद याद बहुत आते हैं ..

सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.