गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
कुछ लोग से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है ||
जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .
गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
कुछ लोग से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है ||
जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .