किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये
जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
बेवजा बेवफाओ को याद किये हैं, गलत लोगों पे बहुत वक़्त बरदाद किये हैं.
किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये
जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
बेवजा बेवफाओ को याद किये हैं, गलत लोगों पे बहुत वक़्त बरदाद किये हैं.