तब रिश्ता समझ लीजिए ख़त्म हो जाता है जब दो प्यार की बात करने वाले लोग बस काम की बात करने के लिए बातें करते हैं।
खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं
क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..
बस दिल उदास है वैसे तो ठीक हूँ मैं
तुमसे अच्छे मेरे दुश्मन निकले... हर बात पे कहते है 'तुझे नहीं छोड़ेगे'
सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी
तब रिश्ता समझ लीजिए ख़त्म हो जाता है जब दो प्यार की बात करने वाले लोग बस काम की बात करने के लिए बातें करते हैं।
खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं
क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..
बस दिल उदास है वैसे तो ठीक हूँ मैं
तुमसे अच्छे मेरे दुश्मन निकले... हर बात पे कहते है 'तुझे नहीं छोड़ेगे'
सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी