दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..
बहुत सजा पाई है मैंने वफ़ा निभाने की अब, ना रोने की ताकत है न जागने की हिम्मत।
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..
बहुत सजा पाई है मैंने वफ़ा निभाने की अब, ना रोने की ताकत है न जागने की हिम्मत।