गुज़रे है आज इश्क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."
ज़हर का भी अपना हिसाब है, मरने के लिए थोड़ा सा और जीने के लिए बहुत सारा पीना पड़ता है.!
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
जितना तुझे किसी ने चाहा भी न होगा उतना तो मैंने सिर्फ तुझे याद किया है
गुज़रे है आज इश्क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."
ज़हर का भी अपना हिसाब है, मरने के लिए थोड़ा सा और जीने के लिए बहुत सारा पीना पड़ता है.!
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
जितना तुझे किसी ने चाहा भी न होगा उतना तो मैंने सिर्फ तुझे याद किया है