"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."

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प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता

काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते

सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !

बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।

जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू

प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता

काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते

सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !

बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।

जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू