कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.
बेहद हदे पार की थी हमने कभी किसी के लिए, आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना...!!
उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं तेरे दिल मे हूँ पर तेरे पास नहीं वैसे तो सब कुछ आ मेरे पास पर तेरे जैसा कोई खास नहीं
क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..
ये बात सच है जब किसी की ज़िन्दगी में नए लोग आ जाते है तो वो पुराने लोगो की अहमियत को भूल जाते है
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.
बेहद हदे पार की थी हमने कभी किसी के लिए, आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना...!!
उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं तेरे दिल मे हूँ पर तेरे पास नहीं वैसे तो सब कुछ आ मेरे पास पर तेरे जैसा कोई खास नहीं
क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..
ये बात सच है जब किसी की ज़िन्दगी में नए लोग आ जाते है तो वो पुराने लोगो की अहमियत को भूल जाते है
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।