हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.
किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
कहते है प्यार में लोग जान तक दे देते है, पर जो किसी को टाइम नहीं दे सकता वो जान क्या देगा.
चलते रहेंगे क़ाफ़िले मेरे बग़ैर भी यहाँ.एक तारा टूट जाने से, फ़लक़ सूना नहीं होता
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!
हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.
किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
कहते है प्यार में लोग जान तक दे देते है, पर जो किसी को टाइम नहीं दे सकता वो जान क्या देगा.
चलते रहेंगे क़ाफ़िले मेरे बग़ैर भी यहाँ.एक तारा टूट जाने से, फ़लक़ सूना नहीं होता
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!