पता नहीं क्यों मोहब्बत उस शख्स से हो जाती है जिसे हमारी बिलकुल क़दर नहीं होती न हमारी मोहब्बत की न हमारे एहसास की
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...
सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....
जिनके दिल बहोत अच्छे होते हैं, अकसर किस्मत उनकी ही खराब होती है.
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
पता नहीं क्यों मोहब्बत उस शख्स से हो जाती है जिसे हमारी बिलकुल क़दर नहीं होती न हमारी मोहब्बत की न हमारे एहसास की
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...
सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....
जिनके दिल बहोत अच्छे होते हैं, अकसर किस्मत उनकी ही खराब होती है.
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं