अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..
अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..