मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
किस हक़ से माँगहु अपने हिस्से का वक़त आपसे, क्यूंकि न आप मेरे हो और न ही वक़त मेरा है
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा
मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
किस हक़ से माँगहु अपने हिस्से का वक़त आपसे, क्यूंकि न आप मेरे हो और न ही वक़त मेरा है
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा