काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

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उसने कहा भूल जाओ मुझे, हमने कह दिया, कौन हो तुम ?

तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।

कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.

किस हक़ से माँगहु अपने हिस्से का वक़त आपसे, क्यूंकि न आप मेरे हो और न ही वक़त मेरा है

कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!

एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..

उसने कहा भूल जाओ मुझे, हमने कह दिया, कौन हो तुम ?

तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।

कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.

किस हक़ से माँगहु अपने हिस्से का वक़त आपसे, क्यूंकि न आप मेरे हो और न ही वक़त मेरा है

कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!

एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..