मैं भी तलाश में हूँ, अब किसी अपने की..कोई आप सा तो हो, लेकिन किसी और का ना हो..
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....
वो लोग क्यों मिलते ही दिल में उतर जाते है, जिन लोगो से किस्मत के सितारे नहीं मिलते
मैं भी तलाश में हूँ, अब किसी अपने की..कोई आप सा तो हो, लेकिन किसी और का ना हो..
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....
वो लोग क्यों मिलते ही दिल में उतर जाते है, जिन लोगो से किस्मत के सितारे नहीं मिलते