हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही जो, जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही.याद वो नहीं जो अकेले में आये, याद वो है जो महफिल में आये और अकेला कर जाए ||
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!
जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे
हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही जो, जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही.याद वो नहीं जो अकेले में आये, याद वो है जो महफिल में आये और अकेला कर जाए ||
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!
जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे