जब भी तेरी याद आती है, तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है, तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी..

जब भी तेरी याद आती है, तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है, तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी..

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तेरी याद आती है तो आँख भर ही आती है, वरना हर बात पर यूँ रोने की आदत नहीं मुझे !!

दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है ।

यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे, खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे, माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की, पर हँसते-हँसते कभी वो भी रोए होंगे..

उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!

उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..

दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.

तेरी याद आती है तो आँख भर ही आती है, वरना हर बात पर यूँ रोने की आदत नहीं मुझे !!

दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है ।

यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे, खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे, माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की, पर हँसते-हँसते कभी वो भी रोए होंगे..

उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!

उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..

दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.