रूठ कर हमसे यूँ दूर जा बैठे हैं कहीं उनकी यादें सता रही हैं हमें हर वक्त यहीं कोई उनसे हमारी खता तो पूछ आइये हम सर झुकाये इंतजार में बैठे हैं यही

रूठ कर हमसे यूँ दूर जा बैठे हैं कहीं उनकी यादें सता रही हैं हमें हर वक्त यहीं कोई उनसे हमारी खता तो पूछ आइये हम सर झुकाये इंतजार में बैठे हैं यही

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दिल उदास हैं तेरे चले जाने स, हो सके तो मुसाफ़िर तू लौट आ, तेरे क़दमों में सर झुकाये खड़े हैं हम, तू बस एक बार सजा तो सुना जा.

संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते

मिले हो आप मुझको तो दूर न जाना, कुछ पल साथ चल कर मुझे भूल न जाना, ज़िन्दगी में मुझे छोड़ न जाना, गलती हो तो माफ़ कर देना पर मुँह मोड़ न जाना.

दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…

जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….

चाँद तो हमसे दूर हैं, हम तो तेरे नूर पर फ़िदा हैं, ना जाने तू रूठा क्यूँ हैं हमसे, फिर भी सजा पाने खड़े हैं कबसे..

दिल उदास हैं तेरे चले जाने स, हो सके तो मुसाफ़िर तू लौट आ, तेरे क़दमों में सर झुकाये खड़े हैं हम, तू बस एक बार सजा तो सुना जा.

संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते

मिले हो आप मुझको तो दूर न जाना, कुछ पल साथ चल कर मुझे भूल न जाना, ज़िन्दगी में मुझे छोड़ न जाना, गलती हो तो माफ़ कर देना पर मुँह मोड़ न जाना.

दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…

जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….

चाँद तो हमसे दूर हैं, हम तो तेरे नूर पर फ़िदा हैं, ना जाने तू रूठा क्यूँ हैं हमसे, फिर भी सजा पाने खड़े हैं कबसे..