माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम

माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम

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कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.

इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!

न कभी मुस्कुराहट तेरे होठों से दूर हो.. तेरी हर ख्वाहिश हक़ीक़त को मंज़ूर हो.. हो जाये जो तू मुझसे खफा.. खुदा न करे मुझसे कभी ऐसा कसूर हो

माना कि हम बहुत लड़ते हे मगर प्यार भी बहुत करते है हमारे गुस्से की वजह से नाराज न हो जाना हम गुस्सा ऊपर से और प्यार दिल्से करते हे. सॉरी जी कान पकड़ते है :

संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते

अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…

कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.

इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!

न कभी मुस्कुराहट तेरे होठों से दूर हो.. तेरी हर ख्वाहिश हक़ीक़त को मंज़ूर हो.. हो जाये जो तू मुझसे खफा.. खुदा न करे मुझसे कभी ऐसा कसूर हो

माना कि हम बहुत लड़ते हे मगर प्यार भी बहुत करते है हमारे गुस्से की वजह से नाराज न हो जाना हम गुस्सा ऊपर से और प्यार दिल्से करते हे. सॉरी जी कान पकड़ते है :

संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते

अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…