संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
इस कदर हमसे रूठ ना जाइये, माना गलती हुई हैं हमसे, पर ऐसे खामोश ना हो जाइये, जो दोगे सजा होगी क़ुबूल हमें, बस एक बार मुस्कुरा जाइये
दिल उदास हैं तेरे चले जाने स, हो सके तो मुसाफ़िर तू लौट आ, तेरे क़दमों में सर झुकाये खड़े हैं हम, तू बस एक बार सजा तो सुना जा.
दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वो है जिसमे 1 हलकी सी “मुस्कराहट” और 1 मामूली सी “सॉरी” होती है.!
अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…
पता है सॉरी भी आपको हमेशा वही इंसान बोलता है जिसके लिए आप उसकी ईगो.. और सेल्फ रेस्पेक्ट से भी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होते हो उसकी लाइफ में..
संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
इस कदर हमसे रूठ ना जाइये, माना गलती हुई हैं हमसे, पर ऐसे खामोश ना हो जाइये, जो दोगे सजा होगी क़ुबूल हमें, बस एक बार मुस्कुरा जाइये
दिल उदास हैं तेरे चले जाने स, हो सके तो मुसाफ़िर तू लौट आ, तेरे क़दमों में सर झुकाये खड़े हैं हम, तू बस एक बार सजा तो सुना जा.
दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वो है जिसमे 1 हलकी सी “मुस्कराहट” और 1 मामूली सी “सॉरी” होती है.!
अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…
पता है सॉरी भी आपको हमेशा वही इंसान बोलता है जिसके लिए आप उसकी ईगो.. और सेल्फ रेस्पेक्ट से भी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होते हो उसकी लाइफ में..