कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
जब मिलो किसी से तो ज़रा दूर का रिश्ता रखना बहुत तड़पते हैं अक्सर सीने से लगने वाले
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे
जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
जब मिलो किसी से तो ज़रा दूर का रिश्ता रखना बहुत तड़पते हैं अक्सर सीने से लगने वाले
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे
जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये