किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे

किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे

Share:

More Like This

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

कुछ लोग से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है ||

हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके

माना मोहब्बत में होता नहीं जब्र, मगर बिन तेरे इस दिल को भी कहाँ है सब्र

लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `

अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

कुछ लोग से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है ||

हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके

माना मोहब्बत में होता नहीं जब्र, मगर बिन तेरे इस दिल को भी कहाँ है सब्र

लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `

अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता