कुछ यूँ हुआ कि.जब भी जरुरत पड़ी मुझे हर शख्स इतेफाक से.मजबूर हो गया !!

कुछ यूँ हुआ कि.जब भी जरुरत पड़ी मुझे हर शख्स इतेफाक से.मजबूर हो गया !!

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देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं

जाने क्यू लोग दोस्ती करते है, और दोस्ती के आड़ मे दुश्मनी निभाते है।

सच्चे लोगों के साथ सच्ची बात करे, और मतलबी लोगों के साथ सिर्फ मतलब की बात करे।

न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की

मज़बूत होने में मज़ा ही तब है, जब सारी दुनिया कमज़ोर कर देने पर तुली हो..

सच्चे दोस्त हमेशा सामने बुराई करते है, और झुठे लोग हमेशा पीठ पीछे बुराई करते है।

देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं

जाने क्यू लोग दोस्ती करते है, और दोस्ती के आड़ मे दुश्मनी निभाते है।

सच्चे लोगों के साथ सच्ची बात करे, और मतलबी लोगों के साथ सिर्फ मतलब की बात करे।

न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की

मज़बूत होने में मज़ा ही तब है, जब सारी दुनिया कमज़ोर कर देने पर तुली हो..

सच्चे दोस्त हमेशा सामने बुराई करते है, और झुठे लोग हमेशा पीठ पीछे बुराई करते है।