लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।
कलयुग का दर्शन करना चाहते हो तो एक मतलबी दोस्त बनाकर देखो, कलयुग का दर्शन उसके अंदर ही हो जाएगा।
दोस्तों की औकात तो हमे तब पता चलती है जब हम संकट मे होते है।
यह दुनिया मतलबी लोगों से भरी हुई है, किसी पर भी भरोसा मत कीजिए।
न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की
मज़बूत होने में मज़ा ही तब है, जब सारी दुनिया कमज़ोर कर देने पर तुली हो..
लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।
कलयुग का दर्शन करना चाहते हो तो एक मतलबी दोस्त बनाकर देखो, कलयुग का दर्शन उसके अंदर ही हो जाएगा।
दोस्तों की औकात तो हमे तब पता चलती है जब हम संकट मे होते है।
यह दुनिया मतलबी लोगों से भरी हुई है, किसी पर भी भरोसा मत कीजिए।
न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की
मज़बूत होने में मज़ा ही तब है, जब सारी दुनिया कमज़ोर कर देने पर तुली हो..