हे देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा……. तेरी भक्ति तो वरदान है,,जो कमाए वो धनवान है,,बिन किनारे की कश्ती है वो देवा तुझसे जो अन्जान है,,यूँ तो मूषक सवारी तेरी,,सब पे है पहेरेदारी तेरी,,पाप की आँधिया लाख हो कभी ज्योती ना हारी तेरी,,अपनी तकदीर का वो खुद सिकंदर हुआ रे,,भूल के ये जहां रे जिस किसी ने यहाँ रे साथ पाया तेरा हे…………
गणेश की ज्योति से नूर मिलता है; सबके दिलों को सुरूर मिलता है; जो भी जाता है गणेशा के द्वार; कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. जय श्री गणेश
सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी.. गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
“भक्ति गणपति। शक्ति गणपति। सिद्दी गणपति, लक्ष्मी गणपति, महा गणपति, हैप्पी गणेश चतुर्थी”
धरती पर बारिश की बुँदे बरसे, आप के ऊपर अपनों का प्यार बरसे। “गणेशजी” से बस यही दुआ हैं।। आप ख़ुशी के लिए नहीं, ख़ुशी आप के लिए तरसे।।
अँधेरा हुआ दूर रात के साथ, नयी सुबह आयी बधाई लेके साथ, अब आंख्ने खोलो और देखो एक मैसेज आया हैं गणेश चतुर्थी की शुभकामना साथ लाया हैं
हे देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा……. तेरी भक्ति तो वरदान है,,जो कमाए वो धनवान है,,बिन किनारे की कश्ती है वो देवा तुझसे जो अन्जान है,,यूँ तो मूषक सवारी तेरी,,सब पे है पहेरेदारी तेरी,,पाप की आँधिया लाख हो कभी ज्योती ना हारी तेरी,,अपनी तकदीर का वो खुद सिकंदर हुआ रे,,भूल के ये जहां रे जिस किसी ने यहाँ रे साथ पाया तेरा हे…………
गणेश की ज्योति से नूर मिलता है; सबके दिलों को सुरूर मिलता है; जो भी जाता है गणेशा के द्वार; कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. जय श्री गणेश
सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी.. गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
“भक्ति गणपति। शक्ति गणपति। सिद्दी गणपति, लक्ष्मी गणपति, महा गणपति, हैप्पी गणेश चतुर्थी”
धरती पर बारिश की बुँदे बरसे, आप के ऊपर अपनों का प्यार बरसे। “गणेशजी” से बस यही दुआ हैं।। आप ख़ुशी के लिए नहीं, ख़ुशी आप के लिए तरसे।।
अँधेरा हुआ दूर रात के साथ, नयी सुबह आयी बधाई लेके साथ, अब आंख्ने खोलो और देखो एक मैसेज आया हैं गणेश चतुर्थी की शुभकामना साथ लाया हैं