नवभिस्तन्तुभिर्युक्तं त्रिगुणं देवतामयम् | उपवीतं मया दत्तं गृहाण परमेश्वर || Happy Ganesh Chaturthi

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गणपति बाप्पा मोरया। ॥ॐ गं गणपतये नमः॥ ॥ॐ श्री गणेशाय नमः॥

पग में फूल खिले। हर ख़ुशी आपको मिले। कभी न हो दुखों का सामना। यही मेरी गणेश चतुर्थी की शुभकामना।

“भगवान श्री गणेश की कृपा, बनी रहे आप हर दम। हर कार्य में सफलता मिले। जीवन में न आये कोई गम! गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं!”

तेरी धूलि का टीका किए,,देवा जो भक्त तेरा जिए,,उसे अमृत का है मोह क्या हंस के विष का वो प्याला पिए, तेरी महिमा की छाया तले काल के रथ का पहिया चले, एक चिंगारी प्रतिशोध से खड़ी रावण की लंका जले,, शत्रुओं की कतारें एक अकेले से हारे,, कण भी परबत हुआ रे,, श्लोक बन के जहांरे नाम आया तेरा हे……. देवा श्री गणेशा,,देवा श्री गणेशा……

माखन चुराकर खाया जिसने, बंसी बजाकर नचाया जिसने, प्रेम का रास्ता दिखाया जिसने, उसके जन्मदिन की खुशी मनाओ।

आप सबको श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं …. ज्वाला सी जलती है आँखो मे जिसके भी दिल मे तेरा नाम है,,पर्वा ही क्या उसका आरंभ कैसा है और कैसा परिणाम है,,धरती अंबर सितारे,,उसकी नज़रे उतारे डर भी उससे डरा रे,,जिसकी रखवालिया रे करता साया तेरा………

गणपति बाप्पा मोरया। ॥ॐ गं गणपतये नमः॥ ॥ॐ श्री गणेशाय नमः॥

पग में फूल खिले। हर ख़ुशी आपको मिले। कभी न हो दुखों का सामना। यही मेरी गणेश चतुर्थी की शुभकामना।

“भगवान श्री गणेश की कृपा, बनी रहे आप हर दम। हर कार्य में सफलता मिले। जीवन में न आये कोई गम! गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं!”

तेरी धूलि का टीका किए,,देवा जो भक्त तेरा जिए,,उसे अमृत का है मोह क्या हंस के विष का वो प्याला पिए, तेरी महिमा की छाया तले काल के रथ का पहिया चले, एक चिंगारी प्रतिशोध से खड़ी रावण की लंका जले,, शत्रुओं की कतारें एक अकेले से हारे,, कण भी परबत हुआ रे,, श्लोक बन के जहांरे नाम आया तेरा हे……. देवा श्री गणेशा,,देवा श्री गणेशा……

माखन चुराकर खाया जिसने, बंसी बजाकर नचाया जिसने, प्रेम का रास्ता दिखाया जिसने, उसके जन्मदिन की खुशी मनाओ।

आप सबको श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं …. ज्वाला सी जलती है आँखो मे जिसके भी दिल मे तेरा नाम है,,पर्वा ही क्या उसका आरंभ कैसा है और कैसा परिणाम है,,धरती अंबर सितारे,,उसकी नज़रे उतारे डर भी उससे डरा रे,,जिसकी रखवालिया रे करता साया तेरा………