सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी.. गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
आपका सुख गणेश के पेट जितना बड़ा हो आपका दुःख उंदर जैसा छोटा हो, आपकी लाइफ गणेश जी की सूंड जितनी बड़ी हो आपके बोल मोदक जैसे मीठे हो
तेरी धूलि का टीका किए,,देवा जो भक्त तेरा जिए,,उसे अमृत का है मोह क्या हंस के विष का वो प्याला पिए, तेरी महिमा की छाया तले काल के रथ का पहिया चले, एक चिंगारी प्रतिशोध से खड़ी रावण की लंका जले,, शत्रुओं की कतारें एक अकेले से हारे,, कण भी परबत हुआ रे,, श्लोक बन के जहांरे नाम आया तेरा हे……. देवा श्री गणेशा,,देवा श्री गणेशा……
“ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥”
दिल से जो भी मांगोगे मिलेगा ये गणेश जी का दरबार है, देवों के देव वक्रतुंडा महाकाया को अपने हर भक्त से प्यार है..!! गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
“वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा”
सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी.. गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
आपका सुख गणेश के पेट जितना बड़ा हो आपका दुःख उंदर जैसा छोटा हो, आपकी लाइफ गणेश जी की सूंड जितनी बड़ी हो आपके बोल मोदक जैसे मीठे हो
तेरी धूलि का टीका किए,,देवा जो भक्त तेरा जिए,,उसे अमृत का है मोह क्या हंस के विष का वो प्याला पिए, तेरी महिमा की छाया तले काल के रथ का पहिया चले, एक चिंगारी प्रतिशोध से खड़ी रावण की लंका जले,, शत्रुओं की कतारें एक अकेले से हारे,, कण भी परबत हुआ रे,, श्लोक बन के जहांरे नाम आया तेरा हे……. देवा श्री गणेशा,,देवा श्री गणेशा……
“ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥”
दिल से जो भी मांगोगे मिलेगा ये गणेश जी का दरबार है, देवों के देव वक्रतुंडा महाकाया को अपने हर भक्त से प्यार है..!! गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
“वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा”