अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है

अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है

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गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...

एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में

जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा

बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता

गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...

एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में

जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा

बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता