टूट कर चाहना और टूट जाना बात छोटी है मगर जान निकल जाती है

टूट कर चाहना और टूट जाना बात छोटी है मगर जान निकल जाती है

Share:

More Like This

हम नादान ही अच्छे हैं दुनिया के समझदार लोगों से, हम अपने ख़्वाब जरूर तोडते हैं पर किसी का दिल नही

कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…

हम नादान ही अच्छे हैं दुनिया के समझदार लोगों से, हम अपने ख़्वाब जरूर तोडते हैं पर किसी का दिल नही

कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…