ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !
दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है
साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!
कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे, समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !
दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है
साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!
कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे, समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.