कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये

कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये

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ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..

खामोश हूँ तो बस तेरी ख़ुशी के लिए ये मत समझना की मेरा दिल नहीं दुखता

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं

हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..

खामोश हूँ तो बस तेरी ख़ुशी के लिए ये मत समझना की मेरा दिल नहीं दुखता

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं

हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था