हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी
जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है
बुरा वक़्त दर्द नहीं देता बुरे वक़्त में साथ छोड़ने वाले दर्द देते है
मेरी आंखे देखकर लोग कहते हैं लगता है तेरा चाहने वाला तुझे आजमाता बहुत है
जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है
जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।
हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी
जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है
बुरा वक़्त दर्द नहीं देता बुरे वक़्त में साथ छोड़ने वाले दर्द देते है
मेरी आंखे देखकर लोग कहते हैं लगता है तेरा चाहने वाला तुझे आजमाता बहुत है
जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है
जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।