मेरे मरने पर तो रोने वाले बहुत हैं तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..
क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये
वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं
वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों
मेरे मरने पर तो रोने वाले बहुत हैं तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..
क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये
वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं
वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों