लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `
जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.
पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
कभी जिंदगी के धागे टूट जाए तो हमारे पास आना..हम हौसलों के दर्जी है मुफ्त में रफू करते हैं....|
लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `
जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.
पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
कभी जिंदगी के धागे टूट जाए तो हमारे पास आना..हम हौसलों के दर्जी है मुफ्त में रफू करते हैं....|