जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .
हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.
अगर तुम्हें यकीं नहीं, तो कहने को कुछ नहीं मेरे पास, अगर तुम्हें यकीं है, तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नही !
"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."
कहते है प्यार में लोग जान तक दे देते है, पर जो किसी को टाइम नहीं दे सकता वो जान क्या देगा.
दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे
जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .
हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.
अगर तुम्हें यकीं नहीं, तो कहने को कुछ नहीं मेरे पास, अगर तुम्हें यकीं है, तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नही !
"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."
कहते है प्यार में लोग जान तक दे देते है, पर जो किसी को टाइम नहीं दे सकता वो जान क्या देगा.
दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे