हद से बढ़ जाये तालुक तो गम मिलते हैं.. हम इसी वास्ते अब हर शख्स से कम मिलते हँ..

हद से बढ़ जाये तालुक तो गम मिलते हैं.. हम इसी वास्ते अब हर शख्स से कम मिलते हँ..

Share:

More Like This

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.

इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है, अपने जन्म से नहीं .

कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .

रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं

कुछ चुप रहती हूँ, कुछ बोलती हूँ, कुछ रिश्ते मेरे इसी से संभले हुए हैं ......

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.

इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है, अपने जन्म से नहीं .

कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .

रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं

कुछ चुप रहती हूँ, कुछ बोलती हूँ, कुछ रिश्ते मेरे इसी से संभले हुए हैं ......