किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे
अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .
कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!
चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही... लेकिन रवैये अजनबी हो जाये तो बडी तकलीफ देते हैं...
जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे
अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .
कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!
चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही... लेकिन रवैये अजनबी हो जाये तो बडी तकलीफ देते हैं...
जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया