मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

Share:

More Like This

कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

खामोश रहना ही बेहतर है लफ्ज़ो के अक्सर लोग गलत मतलब निकाल लेते है.

पलकों में आँसु और दिल में दर्द सोया है, हँसने वालो को क्या पता, रोने वाला किस कदर रोया है

वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

खामोश हूँ तो बस तेरी ख़ुशी के लिए ये मत समझना की मेरा दिल नहीं दुखता

मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

खामोश रहना ही बेहतर है लफ्ज़ो के अक्सर लोग गलत मतलब निकाल लेते है.

पलकों में आँसु और दिल में दर्द सोया है, हँसने वालो को क्या पता, रोने वाला किस कदर रोया है

वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

खामोश हूँ तो बस तेरी ख़ुशी के लिए ये मत समझना की मेरा दिल नहीं दुखता

मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!