मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

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लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे .. तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है .

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

दिल भी एक जिद पर अड़ा है किसी बच्चे की तरह, या तो सब कुछ ही चाहिए या कुछ भी नही

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे .. तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है .

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

दिल भी एक जिद पर अड़ा है किसी बच्चे की तरह, या तो सब कुछ ही चाहिए या कुछ भी नही