बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
तुम बेवफा नही मगर इतना ज़रूर हैं तुम पहले जैसे थे अब वैसे नही रहे
हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!
बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
तुम बेवफा नही मगर इतना ज़रूर हैं तुम पहले जैसे थे अब वैसे नही रहे
हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!