कुछ पल के लिए मुझे अपनी बाँहों में सुला दे अगर आँख खुली तो उठा देना और अगर न खुली तो दफना देना

कुछ पल के लिए मुझे अपनी बाँहों में सुला दे अगर आँख खुली तो उठा देना और अगर न खुली तो दफना देना

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हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते

इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर

ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता

जिनके दिल बहोत अच्छे होते हैं, अकसर किस्मत उनकी ही खराब होती है.

हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते

इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर

ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता

जिनके दिल बहोत अच्छे होते हैं, अकसर किस्मत उनकी ही खराब होती है.