वास्ता नहीं रखना तो नजर क्यूँ रखते हो... हम किस हाल मे हैं ये खबर क्यूँ रखते हो...Black heart
उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं
टूट कर चाहना और टूट जाना बात छोटी है मगर जान निकल जाती है
युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !
लिखूं तो कुछ ऐसा जिसे पढ़ वह रोए भी ना और रात भर सोए भी ना
चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.
वास्ता नहीं रखना तो नजर क्यूँ रखते हो... हम किस हाल मे हैं ये खबर क्यूँ रखते हो...Black heart
उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं
टूट कर चाहना और टूट जाना बात छोटी है मगर जान निकल जाती है
युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !
लिखूं तो कुछ ऐसा जिसे पढ़ वह रोए भी ना और रात भर सोए भी ना
चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.