तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है
हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है
वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों
नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते
दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे
चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..
तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है
हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है
वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों
नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते
दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे
चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..