गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .

गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .

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ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!

मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

तुम बेवफा नही मगर इतना ज़रूर हैं तुम पहले जैसे थे अब वैसे नही रहे

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!

मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

तुम बेवफा नही मगर इतना ज़रूर हैं तुम पहले जैसे थे अब वैसे नही रहे

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |