गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .

गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .

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बेहद हदे पार की थी हमने कभी किसी के लिए, आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना...!!

टूट कर चाहना और टूट जाना बात छोटी है मगर जान निकल जाती है

नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते

कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!

"जिंदगी मै सिर्फ़ दो ही नशा करना, जीने के लिए यार और मरने के लीये प्यार"

रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .

बेहद हदे पार की थी हमने कभी किसी के लिए, आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना...!!

टूट कर चाहना और टूट जाना बात छोटी है मगर जान निकल जाती है

नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते

कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!

"जिंदगी मै सिर्फ़ दो ही नशा करना, जीने के लिए यार और मरने के लीये प्यार"

रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .