अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
एक बात कहु जिनसे बात करने की आदत हो जाती है है ना, उनसे अगर एक दिन बात न हो तो दिल उदास हो जाता है
तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे
वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं
अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
एक बात कहु जिनसे बात करने की आदत हो जाती है है ना, उनसे अगर एक दिन बात न हो तो दिल उदास हो जाता है
तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे
वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं