तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।
युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !
जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं
देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है
बुरा वक़्त दर्द नहीं देता बुरे वक़्त में साथ छोड़ने वाले दर्द देते है
तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।
युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !
जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं
देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है
बुरा वक़्त दर्द नहीं देता बुरे वक़्त में साथ छोड़ने वाले दर्द देते है