वास्ता नहीं रखना तो नजर क्यूँ रखते हो... हम किस हाल मे हैं ये खबर क्यूँ रखते हो...Black heart

वास्ता नहीं रखना तो नजर क्यूँ रखते हो... हम किस हाल मे हैं ये खबर क्यूँ रखते हो...Black heart

Share:

More Like This

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से

वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,

"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."

मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी

किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से

वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,

"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."

मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी

किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....