अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा

अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा

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चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..

उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं

वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..

उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं

वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये