तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

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क्या फायदा अनलिमिटेड कॉलिंग और डाटा का जब कोई ढंग से बात करने वाला ही न हो

सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

मेरी किस्मत में तो कुछ यूँ लिखा है, किसी ने वक्त गुज़ारने के लिए अपना बनाया, तो किसी ने अपना बनाकर वक्त गुजार लिया

हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे

क्या फायदा अनलिमिटेड कॉलिंग और डाटा का जब कोई ढंग से बात करने वाला ही न हो

सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

मेरी किस्मत में तो कुछ यूँ लिखा है, किसी ने वक्त गुज़ारने के लिए अपना बनाया, तो किसी ने अपना बनाकर वक्त गुजार लिया

हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे