तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

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वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !

"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

सारी दुनिया के रुठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है.

वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !

"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

सारी दुनिया के रुठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है.