तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

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जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं

सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं न अक्सर उनकी किस्मत बहुत खराब होती है

“वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए, कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए

क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?

जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं

सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं न अक्सर उनकी किस्मत बहुत खराब होती है

“वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए, कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए

क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?