रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .

रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .

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मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...

बेवजा बेवफाओ को याद किये हैं, गलत लोगों पे बहुत वक़्त बरदाद किये हैं.

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके

उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से

कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…….. ।।

मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...

बेवजा बेवफाओ को याद किये हैं, गलत लोगों पे बहुत वक़्त बरदाद किये हैं.

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके

उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से

कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…….. ।।