रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .

रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .

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बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."

कभी उसका दिल रखा कभी उसका दिल रखा, इस कश्मकश में भूल गए, खुद का दिल कहाँ रखा..

तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते

बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."

कभी उसका दिल रखा कभी उसका दिल रखा, इस कश्मकश में भूल गए, खुद का दिल कहाँ रखा..

तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते