एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते, तेरे बिन ही मरना होगा साथ मर नहीं सकते, सूखे से पत्ते हैं एक टहनी पे लगे, किस्मत तोह देखो के झाड़ नहीं सकते, फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते.
उँगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते आजकल ज़ुबाँ से निभाने का वक्त कहाँ
मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले है, तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
किस हक़ से माँगहु अपने हिस्से का वक़त आपसे, क्यूंकि न आप मेरे हो और न ही वक़त मेरा है
रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते, तेरे बिन ही मरना होगा साथ मर नहीं सकते, सूखे से पत्ते हैं एक टहनी पे लगे, किस्मत तोह देखो के झाड़ नहीं सकते, फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते.
उँगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते आजकल ज़ुबाँ से निभाने का वक्त कहाँ
मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले है, तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
किस हक़ से माँगहु अपने हिस्से का वक़त आपसे, क्यूंकि न आप मेरे हो और न ही वक़त मेरा है
रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं