माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे .. तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है .

माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे .. तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है .

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तुम बदले तो हम भी कहां पुराने से रहे, तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे.

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं

तब रिश्ता समझ लीजिए ख़त्म हो जाता है जब दो प्यार की बात करने वाले लोग बस काम की बात करने के लिए बातें करते हैं।

तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।

प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता

तुम बदले तो हम भी कहां पुराने से रहे, तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे.

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं

तब रिश्ता समझ लीजिए ख़त्म हो जाता है जब दो प्यार की बात करने वाले लोग बस काम की बात करने के लिए बातें करते हैं।

तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।

प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता