उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं
दिल में रहते हैं कुछ लोग ... जिनका नाम ज़ुबान से लेना ठीक नहीं होता
अभी कदर नही है ना तुम्हे मेरी देखना एक दिन तड़पोगे मुझसे बात करने के लिए
तुम बेवफा नही मगर इतना ज़रूर हैं तुम पहले जैसे थे अब वैसे नही रहे
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |
उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से
उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं
दिल में रहते हैं कुछ लोग ... जिनका नाम ज़ुबान से लेना ठीक नहीं होता
अभी कदर नही है ना तुम्हे मेरी देखना एक दिन तड़पोगे मुझसे बात करने के लिए
तुम बेवफा नही मगर इतना ज़रूर हैं तुम पहले जैसे थे अब वैसे नही रहे
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |
उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से