कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!
बदल जाते है वो लोग वक़्त की तरह जिन्हे हद सा ज्यादा वक़्त दिया जाता है....
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो..... और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!
बदल जाते है वो लोग वक़्त की तरह जिन्हे हद सा ज्यादा वक़्त दिया जाता है....
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो..... और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया