मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

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बेहद हदे पार की थी हमने कभी किसी के लिए, आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना...!!

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

“वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए, कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए

बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....

किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।

गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .

बेहद हदे पार की थी हमने कभी किसी के लिए, आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना...!!

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

“वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए, कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए

बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....

किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।

गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .