मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

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इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है, अपने जन्म से नहीं .

शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…

किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

जान ले लेता है वो एक छोटा सा पल भी, जब बेहिसाब प्यार के बाद वो कहे की हम कभी एक नहीं हो सकते..

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है, अपने जन्म से नहीं .

शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…

किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

जान ले लेता है वो एक छोटा सा पल भी, जब बेहिसाब प्यार के बाद वो कहे की हम कभी एक नहीं हो सकते..

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही