पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |
बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!
बहुत सजा पाई है मैंने वफ़ा निभाने की अब, ना रोने की ताकत है न जागने की हिम्मत।
एक बात कहु जिनसे बात करने की आदत हो जाती है है ना, उनसे अगर एक दिन बात न हो तो दिल उदास हो जाता है
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |
बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!
बहुत सजा पाई है मैंने वफ़ा निभाने की अब, ना रोने की ताकत है न जागने की हिम्मत।
एक बात कहु जिनसे बात करने की आदत हो जाती है है ना, उनसे अगर एक दिन बात न हो तो दिल उदास हो जाता है
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये