हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी
काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी
काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा