बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

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गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।

कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे, समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।

रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .

थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें

नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं

अभी कदर नही है ना तुम्हे मेरी देखना एक दिन तड़पोगे मुझसे बात करने के लिए

गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।

कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे, समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।

रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .

थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें

नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं

अभी कदर नही है ना तुम्हे मेरी देखना एक दिन तड़पोगे मुझसे बात करने के लिए